कुख्यात राकेश कुमार उर्फ चुन्नू ठाकुर को लेकर सस्पेंस बरकरार

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बुधवार से ही है वैशाली में गैंगवार में उसके मारे जाने की चर्चा…
सबूत मिटाने को कहीं विरोधियों ने चिमनी में तो नहीं डाल दी लाश…
हत्या अपहरण और रंगदारी के दो दर्जन से अधिक हैं मामले दर्ज…
बीते वर्ष 24 जुलाई को हुआ पुलिस कस्टडी से हुआ था फरार…
विनायक विजेता…
पटना: बिहार सहित कई राज्यों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाला उत्तर बिहार का अपराधी राकेश उर्फ चुन्नू ठाकुर को लेकर पुलिस से लेकर मीडिया और अंडरवर्ल्ड तक में सस्पेंस बरकरार है। बुधवार से ही चुन्नू ठाकुर को विरोधियों द्वारा मार दिए जाने की चर्चा है। चर्चा है कि चुन्नू की हत्या हाजीपुर-महुआ रोड में बेलकुंडा स्थित एक पिट्रोल पंप के पास स्थित एक चिमनी भठ्ठे के पास कर दी गई। लेकिन पुलिस को उसकी हत्या का कोई प्रमाण अबतक नहीं मिला है। पुलिस ने गुरुवार की रात चुन्नू के हाजीपुर के जमालपुर गांव स्थित उसके ससुराल में भी दबीश दी पर घर बंद था तथा घर की सभी लाईटें भी बंद थी।  जिससे यह संदेह है कि चुन्नू के ससुराल वालों को जरुर कुछ ऐसी अशुभ जानकारी मिली जिसके बाद से सभी फैमली मेंबर घर छोड़ चुके हैं। एक संभावना यह भी है कि अगर विरोधियों ने चुन्नू की हत्या की तो संभव है सबूत मिटाने के लिए उसकी लाश चिमनी भठ्ठे में डाल दी गई हो।
ऐसे दृष्टांत पहले भी आए हैं जब अपराधियों ने अपने विरोधी गूट की हत्या करने के बाद उसकी लाश चिमनी में डाल दी या नदियों में बहा दिया। अगर चुन्नू घायल है तो वह कहीं गोपनीय ढंग से इलाज करा रहा है। सनद रहे कि चुन्नू ठाकुर को इसके पूर्व मुजफ्फरपुर जिला के अहियापुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष धन्नंजय कुमार ने तब गिरफ्तार किया था जब वह मुजफ्फरपुर के बैरिया स्थित एक नीजी नर्सिंग होम में इलाज करा रहा था। तब पताहीं के पास हुए एक सड़क दुर्घाटना में बूरी तरह घायल हुआ था और उसके गर्दन सहित शरीर के कई हिस्सों में काफी चोट आई थी। कोर्ट के आदेश पर चुन्नू को बेहतर इलाज के लिए पुलिस अभिरक्षा में दिल्ली भेजा गया था।
दिल्ली से सड़क मार्ग से लौटने क्रम में बीते वर्ष 24 जुलाई को चुन्नू ठाकुर फरार हो गया। तबसे वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। फरारी अवधि में ही चुन्नू ने मुजफ्फरपुर के एक युवक अमित सिंह का अपहरण कर उसे फरीबाद ले जाकर अपने गुर्गे रवि के साथ मिलकर अमित की हत्या कर दी। बाद में बीते 24 फरवरी को अमित की लाश आगरा में पाई गई। इस हत्या का रहस्योद्घाटन उस कैब ड्राइवर ने किया था जिसे अमित की लाश को ठीकाने लगाने को बुलाया गया था। इसके पूर्व अमित की पत्नी अनामिका ने चुन्नू ठाकुर और सहित कुछ लोगों द्वारा उसके पति को अपृह्त करने की शिकायत मुजफ्फरपुर के एसएसपी से की थी।
मूल रूप से मुजफ्फरपुर के गन्नीपुर का रहने वाला चुन्नू ठाकुर ने 1 दिसम्बर 2013 को जदयू के प्रदेश कार्यालय में बड़े ही धूम-धाम से जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी। पर जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उसके आपराधिक इतिहास का पता चला तो उन्होंने उसे तत्काल पार्टी से निकाल-बाहर कर दिया। बहरहाल चुन्नू  मामले पर पूछे जाने पर मुजफ्फरपुर के एसएसपी मनोज कुमार ने बताया कि मामले में जब तक कोई साक्ष्य या ठोस सबूत नहीं मिलते कुछ कहना मुश्किल है। हालांकि मुजफ्फरपुर और वैशाली पुलिस पूरे मामले की तहकीकात कर पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर सच्चाई क्या है?

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