देशद्रोह का आरोपी कन्हैया हार भी गया तो राष्ट्रवादी गिरिराज के जीत से ज्यादा चर्चा में रहेगा 

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 बेगुसराए :देश के 543 लोकसभा शीट में अभी सबसे ज्यादा हॉट शीट बिहार के बेगुसराए का है। यहाँ से भाजपा के फायर ब्रांड नेता, राष्ट्रवादी कहे जाने वाले गिरराज सिंह NDA से हैं। तो CPI के टिकट से JNU का छात्र नेता देशद्रोह का आरोपी डॉ कन्हैया है। महागठबंधन प्रत्याशी तनवीर हसन इन दोनों के बीच अभी काफी पीछे छूटे हैं। बिहार का बेगुसराए अभी छोटा मास्को बना है।
गिरिराज सिंह पहले ही अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। डॉ कन्हैया ने मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल किया है। मंगलवार को जब कन्हैया नामांकन दाखिल करने के लिए अपने टूटे खपरैल घर से अपनी माँ का आशीर्वाद लेकर नामांकन करने निकला तो बरौनी-कटिहार मुख्य मार्ग का बेगुसराए शहर CPI के लाल झंडों से लाल हो चूका था। बेगुसराए देश में कम्युनिस्टों के गढ़ के रूप में जाना जाता रहा है। और यहीं से बामपंथी विचारधारा शुरू हुई।
इस इलाके में भूमिहार जाति का ज्यादा वोट है। यहाँ के भूमिहार जाति के लोगों के बीच दो भूमिहार प्रत्याशी हैं तो एक मुस्लिम प्रत्याशी भी है। अब देखना यह दिलचस्प होगा की बेगुसराए के भूमिहार देशद्रोही के आरोपी को अपना नेता चुनते हैं या राष्ट्रवादी को। इन दोनों के लड़ाई में कहीं भी तनवीर हसन नहीं है। कन्हैया के नामांकन के बाद JNU के कई छात्र नेता लोग यहाँ आए थे,जिनका जोश गजब का दिखा।
JNU छात्रा राजधानी पटना की मूल निवासी सारिका चौधरी ने अपनी टीम के साथ ऐसा समां बांध दिया था की मीडिया की नजर उसपर जानी ही थी। और जब उसने अपना आज़ादी का वही नारा जो JNU में सबसे पहले कन्हैया ने लगाया था, शुरू की तो पूरा माहौल कन्हैया के समर्थन में झूमने पर विवस हो गया। इस पुरे मैनेजमेंट को जिग्नेश मेवानी मैनेज कर रहे थे। कन्हैया के नामांकन में ज्यादातर लोग उनके JNU के दोस्त आए थे।
नामांकन के बाद कन्हैया ने एक जनसभा को सम्बोधित किया। इस जनसभा में मानों पूरा बेगुसराए,बीहट,मालीपुर,हसनपुर,बखरी,के लोग अपना सारा काम छोड़कर चले आए हो अपने कन्हैया को सुनने।  कन्हैया के जनसभा में एक दृश्य ऐसा लगा जैसे 1977 में हाजीपुर में रामविलास पासवान के समर्थन में था। जनसभा में सबसे पहले कन्हैया ने कहा की हमारे घर में भाजपा के कुछ बाहर से अतिथि आए हैं।
अपनी भाषा में कन्हैया ने कहा की भाजपा से अतिथि आकर यहाँ नामांकन कर गए हैं। हम इस पार के हैं और लोग आए हैं गंगा उस पर से। कन्हैया ने लोगों से पूछ की रहते हैं बेगुसराए में और वोट देंगे लखीसराय वाले को,तो उपस्थित लोगों ने कहा की नहीं। बेगुसराए में जिस तरह कन्हैया को समर्थन मिल रहा है,तो यह कहा जा सकता की यहाँ से कन्हैया की स्थिति बहुत अच्छी है।

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