समस्तीपुर,गया,मुजफ्फरपुर,सीतामढ़ी,औरंगाबाद,नालंदा,दरभंगा,मुंगेर,भागलपुर,गोपालगंज,जहानाबाद,मधुबनी,नवादा में 144 लागू

0
299

बिहार के आधे हिस्से में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बिहार में कुदरत की मार दोहरी है। उत्तर बिहार आधा हिस्सा कथित चमकी बुखार की चपेट में है तो आधा बिहार गर्मी की मार झेल रहा है। चमकी और भीषण गर्मी से बिहार में अब तक लगभग 400 मौतें हो चुकी है। इन सबके बीच बिहार में हीट वेव का कहर इस क़दर बढ़ गया कि प्रशासन को इलाके में धारा 144 लगानी पड़ गई। ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी राज्य में गर्मी ने हालात इतने खराब कर दिए हों कि प्रशासन धारा 144 लगाने पर मजबूर हो जाए। बिहार के किसी एक जिले में प्रशासन को धारा 144 नहीं लगानी पड़ी है। बिहार के लगभग 15 जिलों में धारा 144 लागू है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बिहार में अब तक 78 लोगों की मौत लू लगने से हो गई हैं। हालांकि गैर सरकारी आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है।

 गर्मी से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में गया, नवादा और औरंगाबाद हैं। हालांकि लू की वजह से मौत की खबरें पटना के ग्रामीण इलाकों के अलावा शेखपुरा और मुंगेर से भी मिल रही हैं। गया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह,समस्तीपुर के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह,मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी अलोक रंजन घोष,सीतामढ़ी के जिलाधिकारी डॉ रणजीत कुमार सिंह, औरंगाबाद के जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल,नालंदा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह,दरभंगा के जिलाधिकारी त्यागराजन एम एस, मुंगेर के जिलाधिकारी राजेश मीणा,भागलपुर के जिलाधिकारी प्रणव कुमार के अलावे गोपालगंज,जहानाबाद,मधुबनी और नवादा जिलाधिकारी ने भी अपने जिला में धारा 144 लागू किये हैं। समाचार लिखे जाने तक वैशाली जिलाधिकारी राजीव रौशन कोर्ट में थे,आज वैशाली में भी धारा 144 लागू की जा सकती है।

सभी जिलाधिकारी ने भीषण गर्मी और लू को देखते हुए निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मौसम सामान्य होने तक धारा 144 लागू कर दी गई हैं। यानि इस दौरान कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम, राजनैतिक कार्यक्रम, धरना प्रदर्शन और लोगों के एक जगह जमा रहने पर रोक रहेगी। खुले स्थानों पर कार्यक्रम के लिए ये निषेधाज्ञा लागू रहेगी। यह पहला मौका है कि जब मौसम को लेकर बिहार के इतने जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई हैं।

सुबह 11 बजे के बाद नहीं होगा निर्माण कार्य…

सभी डीएम ने अपने निर्देश में यह भी कहा कि मनरेगा की कोई योजना सुबह 10.30 बजे के बाद से नहीं चलेगी। कोई भी निर्माण कार्य 11 बजे सुबह से शाम 4 बजे तक नहीं किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि निर्माण कार्यों में लगे मजदूर इसके शिकार हो रहें हैं। इस दौरान बाजार बंद रखने का निर्दश जारी किया गया हैं। यानी 11 बजे से शाम 4 बजे तक सभी दुकानें बंद रखने का निर्देश हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस दौरान वो घर में ही रहें और बहुत जरूरी काम पर ही निकले।  दोपहर में घर से ना निकले और अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें।

भीषण गर्मी,कथित चमकी से हुई मौत मामले में राज्य सरकार ने पीड़ित परिजनों को राज्य सहायता कोष से मदद का आश्वासन दिया है। आज सूबे के मुख्यमंत्री नितीश कुमार मुजफ्फरपुर दौरे पर हैं जहा उन्हें आक्रोशित लोगों के विरोध का सामना करना पर रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here