वैशाली SP साहब जिला में इस तरह रुक सकता अपराध…

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वैशाली पुलिस कप्तान डॉ मानवजीत सिंह ढिल्लो

हाजीपुर :SP साहब आपके और पूर्व जिला पुलिस कप्तान राकेश कुमार के कार्यकाल में वैशाली में पिछले 10 वर्षो में सबसे ज्यादा अपराध हुआ है। जिसमे सबसे ज्यादा हत्या के वारदात को अंजाम दिया गया। लूट-छिनतई की वारदात आम है। लेकिन हत्या के पीछे अपराधियों का मोटिव क्राइम है। आपके और पूर्व जिला पुलिस कप्तान राकेश कुमार के कार्यकाल में जितनी भी हत्या हुई उन सभी को रोका जा सकता। लेकिन उन लोगो की हत्या को रोकने में जिला पुलिस असफल हुई। क्योंकि हत्यारों के उद्देश्य सभी मामलो के खुलाशे के बाद एक जैसा ही रहा की उनका अपने प्रतिद्वंदी से रंजिस था।

 

लेकिन अपराधियों के पुराने रंजिस के कारण जिला पुलिस बदनाम हो रही। वैशाली के लोगों का सर नीचे हो रहा। आज पुरे बिहार में चर्चा है की पुरे प्रदेश में सबसे ज्यादा अपराध वैशाली में हो रहा। एक समय था जब बिहार में सबसे ज्यादा अपराध के मामले में जहानाबाद जाना जाता था। तब जहानाबाद में नक्सल प्रभावी था। लेकिन वैशाली में नक्सल और नक्सली नहीं है। बाबजूद आज जहानाबाद से ज्यादा अपराध वैशाली में है। इस जिला में आज से 5 वर्ष पहले तक जो युवक साधारण सा युवक था ,आज उसकी पहचान जिला के चर्चित अपराधी के रूप में होने लगी। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण जिला की पुलिस है। सोशल मीडिया का बढ़ता क्रेज है,तो मीडिया और कुछ सामाजिक संगठन का बढ़ता दबाब भी है।

 

करीब 10 वर्षो पहले तक जब अपराधी को  पकडे जाने पर थाना में कड़ाई से पूछ ताछ होती थी तब थाना के पास से गुजरने वाले लोग यह जान जाते थे की कोई बड़ा अपराधी पुलिस की गिरफ्त में आया है। लेकिन आज स्थिति यह है की जब कोई अपराधी को पुलिस सड़क पर पकड़ती है तो आम लोग उसका वीडियो बनाने में जुट जाते है। वीडियो में अगर कुछ विशेष मिल जाए तो मीडिया को अपनी सुपर एक्सक्लूसिव खबर भी मिल जाती। और अपराधी इसका फायदा उठाता है। जिला में जिस तरह अपराध बढ़ रहा तो सूबे के मुख्यमंत्री को पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह एनकाउंटर का आदेश जारी करना चाहिए।

 

बिहार में अब भी कई एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिस अधिकारी हैं .जो आज पुलिस विभाग में वरीय पद पर तैनात हैं। सूबे के पुलिस के मुखिया गुप्तेश्वर पांडेय स्वयं ऐसे अधिकारी रह चुके हैं किनके नाम से अब भी पुराने अपराधी प्रदेश छोड़ देना ही उचित समझते। अगर अब भी सूबे में कानून का राज कायम नहीं हो सका तो जिस कानून की बात और सुशासन की दुहाई देकर नितीश कुमार मुख्यमंत्री के पद पर बैठे थे ,अगर इसी तरह बिहार में अपराधी बेलगाम रहे तो लोग इस सत्ता को बदलने की सोचकर किसी अन्य विकल्प की तलाश कर सकते।

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