वैशाली में 10 फर्जी शिक्षकों को किया गया बर्खास्त 

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फर्जी मेघा सूची और फर्जी प्रमाण प्रमाण पत्र पर कर रहे थे नौकरी…
अमित कुमार : वैशाली जिला के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के 10 शिक्षकों को आखिरकार अपने नौकरी से हाथ धोना पड़ा। मामला दो साल से लंबित था। जिसकी जानकारी कार्यपालक पदाधिकारी पंचायत समिति-सह-सदस्य सचिव, प्रखण्ड नियोजन समिति सहदेई बुजुर्ग कुमकुम श्रीवास्तव ने दिनांक 16 नवम्बर 2019 को आदेश जारी करते हुये  बताया कि मेघा सूची में नाम नही होने एवं अमान्य संस्था के प्रशिक्षण प्रमाण पत्र पर नियोजन के आरोपों को लेकर प्रखण्ड के विभिन्न विधालयों में कार्यरत दस नियोजित शिक्षकों की सेवा समाप्त करते हुय उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।
प्रखण्ड पंचायत समिति की कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रखण्ड नियोजन इकाई की सचिव द्वारा 16 नवम्बर को जारी विभिन्न आदेशों के द्वारा प्रखण्ड के विभिन्न विधालयों में कार्यरत नियोजित शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। जिन शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई है उनमे उत्क्रमित मध्य विद्यालय दुबहा की आभा कुमारी,उत्क्रमित मध्य विद्यालय पहाड़पुर तोई उर्दू की तबस्सुम परवीन,उत्क्रमित मध्य विद्यालय रामपुर बघेल के कुमोद कुमार ठाकुर सेवा मेघा सूची में नाम नही होने के कारण और उत्क्रमित मध्य विद्यालय वाजितपुर डुमरी के आलोक कुमार वाजितपुर टोले चकबा में कार्यरत मालती चौधरी,मध्य विद्यालय नयागंज की नरगिस फिरदौस,उत्क्रमित मध्य विद्यालय वाजितपुर डुमरी की स्मिता कुमारी,उत्क्रमित मध्य विद्यालय शेखोपुर टोले विक्रमपुर की शाइस्ता परवीन,उत्क्रमित मध्य विद्यालय चकजमाल की मंजू गुप्ता,उत्क्रमित मध्य विद्यालय मजरोहि रघुनंदन की पूनम कुमारी की सेवा अमान्य संस्था के प्रशिक्षण प्रमाण पत्र एवं बिना मेघा सूची में नाम नही होने एवं नियोजन होने के आरोपों में नियोजन समाप्त किया गया है। 
निर्गत पत्र में कहा गया है कि उक्त शिक्षकों द्वारा पटना उच्च न्यायालय में दायर CWJC में निर्गत आदेश के आलोक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने अपने कार्यालय में सुनवाई करते हुय सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा था। लेकिन स्पष्टीकरण का जबाब असन्तोषजनक,तथ्य से परे हिने एवं मेघा सूची में नाम न होने पर भी गलत तरीके से नियोजन होने के कारण जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना)ने सभी को पद से हटाने का आदेश जुलाई 2018 में दिया था। पत्र में कहा गया है कि प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा 05 सितम्बर 2017,30 अक्टूबर 2017,27 जनवरी 2018,जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) के द्वारा 16 जून 2016,14 नवम्बर 2017,22 दिसम्बर 2018 एवं 07 फरवरी 2019 को निर्गत पत्र एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी वैशाली के द्वारा दिनांक 19 जनवरी 2018 को निर्गत पत्र एवं शिक्षा विभाग बिहार सरकार के निदेशक प्राथमिक शिक्षा द्वारा दिनांक 10 दिसम्बर 2012 एवं 26 नवम्बर 2018 को निर्गत पत्र में वर्णित प्रावधान एवं प्रखण्ड नियोजन इकाई की 23 अक्टूबर 2019 की बैठक में लिए गये निर्णय के आलोक में विभाग को गुमराह कर अवैध रूप से नियोजन एवं मेघा सूची में नाम नही होने के प्रमाणित आरोपों के कारण सेवा समाप्त की गई है।
वही आलोक कुमार प्रखण्ड शिक्षक उत्क्रमित मध्य विद्यालय वाजितपुर डुमरी की सेवा अमान्य संस्था के प्रशिक्षण प्रमाण पत्र एवं मेघा सूची में नाम न होने के प्रमाणित आरोपों में सेवा समाप्त की गई है। इस आदेश की प्रतिलिपि सबंधित शिक्षक के साथ-साथ विधालय के प्रधानाध्यापक,प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी,जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को भी भेजी गई है।

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