रात के अँधेरे में बुलेट पर सवार वैशाली पुलिस कप्तान डॉ गौरव मंगला की गस्ती और शहर में तैनात पुलिसकर्मी की चुस्ती 

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बुधवार को रात के अँधेरे में इस तरह शहर में निकले वैशाली पुलिस कप्तान डॉ गौरव मंगला

राहुल अमृत राज…… वैशाली पुलिस कप्तान डॉ गौरव मंगला के वैशाली में पदस्थापन के बाद जिला की हालात में काफी बदलाव हुआ है। जहाँ कुछ समय पहले तक पुरे बिहार में वैशाली अपराध के मामले में सबसे पहले स्थान पर आता था। इनके कार्यकाल में यहाँ अपराध में काफी कमी आई है। 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ गौरव मंगला अपने कड़क पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं। इनके सख्त पुलिसिंग के कारण ही अपराधी यहाँ या तो अपराध करना छोड़ दिया या फिर जिला छोड़कर फरार हो चला।

 

जिला का कुछ ऐसा अपराधी जो विगत कई वर्षो से हमेशा शहर में आपराधिक घटना को अंजाम तो देता आ रहा लेकिन कभी भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका, दर्जनों कांडो का वैसा नामजद अपराधी भी इनके कार्यकाल में गिरफ्तार होकर जेल जा रहा। डॉ गौरव मंगला का स्पस्ट कहना है की अपराध में शामिल अगर कोई पुलिसकर्मी भी होगा तो उसे भी सजा मिलेगी और इस तरह करीब आधा दर्जन खाकीधारी इनके कार्यकाल में सलाखों में बंद हुआ है।

वैशाली पुलिस कप्तान डॉ गौरव मंगला

इस लॉक डाउन-4 में बुधवार की रात जिला पुलिस कप्तान बुलेट पर सवार होकर अकेले ही शहर की निगरानी करने निकल पड़े। बुलेट पर सवार चेहरा को गमछा से ढके पुलिस कप्तान को आम लोग तो क्या शहर के चौक चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी भी नहीं पहचान सके। लाल रंग की बुलेट पर हेलमेट लगाए एक गार्ड जो बुलेट ड्राइव कर रहा और पीछे गमछा से चेहरा ढके पैर में हवाई चप्पल, नाईट पैजामा, टी- शर्ट और कमर में आधा पिस्टल दीखता, बैठे थे जिला के पुलिस कप्तान डॉ गौरव मंगला। बुलेट पर सवार पुलिस कप्तान पुरे शहर की निगरानी करते हुए शहर के नखास चौक पर पहुंचते हैं जहाँ ड्यूटी पर तैनात प्रशिक्षु SI प्रीति कुमारी और प्रशिक्षु SIजुली अपने साथ 5 जवान के साथ ड्यूटी पर तैनात दिखती है। वहीं शहर के राजेंद्र चौक पर तैनात प्रशिक्षु SI पुष्पलता,हेमलता , जुली कुमारी और सिमा कुमारी भी रात में आने-जाने वालो से रात में घूमने का कारण पूछती और बाइक की जाँच करती दिखती है।

 

वहीं शहर के गुदरी रोड में नगर थाना की टाउन मोबाइल गस्ती गाड़ी जिप्सी पर संध्या गस्ती में माईकिंग करते नगर थाना के सहायक अवर निरीक्षक संजय सिंह अपनी ड्यूटी कर रहे थे। पुरे शहर में जिला पुलिस कप्तान बुलेट पर सवार होकर शहर का जायजा लेते हैं और तैनात पुलिसकर्मियों को चेक करते हैं। इस दौरान जिला पुलिस कप्तान की बुलेट को पैंथर टीम के लीडर ASI अखिलेश कुमार के टीम के जवान चेक करने के लिए रोक देता हैं। इस दौरान भी उक्त जवान अपने पुलिस कप्तान को नहीं पहचान पाता है। लेकिन जब पुलिस कप्तान अपने चेहरा से गमछा हटाते हैं तभी उक्त जवान अपने पुलिस कप्तान को पहचान लेता है।

 

वैशाली में पुलिस कप्तान के पदस्थापन के बाद ही इनके नेतृत्व में बाइक से गस्ती करने वाले 3 पुलिस टीम का गठन किया गया है। ASI विजय कांत, ASI अखिलेश कुमार समेत एक अन्य पुलिस पदाधिकारी के पैंथर टीम के कारण भी शहर में काफी हद तक अपराध और लहरियाकट बाइक ड्राइव पर अंकुश लगा है। पुलिस कप्तान के इस तरह वेश बदलकर शहर की निगरानी करने के कारण ही आज जिला में कुछ शांति है।

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