प्रभास हिसारिया हत्याकांड:DGP की तत्परता से 24 घटना में शूटर अरेस्ट,घटना में प्रयोग स्कूटी बरामद 

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एक अपराधी आदर्श नगर निवासी एक व्यक्ति से स्कूटर मांगकर ले गया था और दे दिया था घटना को अंजाम… 
सीतामढ़ी- सीतामढ़ी शहर के कोट बाजार निवासी साइकिल व्यापारी प्रभास हिसारिया हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर उदभेदन कर लिया है। चार शातिर गिरफ्तार किए गए हैं। तीन अन्य फरार हैं। शहर के मेजरगंज, ढेंग, मेहसौली ओपी में बसवरिया व आदर्श नगर से चारों गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 7.65 एमएम की पिस्टल, स्कूटी व लूट की रकम में से 60 हजार रुपये भी बरामद कर लिए गए हैं।
व्यवसायी के हाथ से छीना गया वह थैला भी मेहसौल ओपी के बसवरिया में झाड़ी से बरामद हो गया। चारों को बड़े नाटकीय अंदाज में अलग-अलग ठिकानों से पुलिस ने दबोचा। जिस स्कूटी पर सवार होकर अपराधियों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया वह सीतामढ़ी शहर के आदर्श नगर में एक कमरे से बरामद हुई है।
डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय के पहुंचने के बाद पुलिसिया कार्रवाई एक बारगी तेज हो गई और गुरुवार सुबह तक 24 घंटे के ऑपरेशन में पुलिस को ये कामयाबी हाथ लग गई। इस हत्याकांड के उदभेदन के लिए एसटीएफ, सीआइडी की स्पेशल टीम भी गुरुवार रात से ही खाक छान रही थी। डीजीपी पूरे ऑपरेशन को खुद ही लीड कर रहे थे। एसपी अनिल कुमार ने कहा कि अभी कई लोग पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, लूट की रकम भी पूरी बरामद नहीं हो पाई है, इसके लिए ऑपरेशन जारी है। शुक्रवार को इस बारे में प्रेस कान्फ्रेंस करके मीडिया को विस्तृत जानकारी देने की उन्होंने बात कही।
आदर्शनगर से स्कूटी तो बसवरिया में झाड़ी में लूटा गया थैला बरामद…
पुलिस के आधिकारिक सूत्र ने कहा कि इस पूरे मामले में अभी तक चार शातिर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कारोबारी की हत्या करने पहुंचे स्कूटी पर सवार तीन में से एक शूटर सहित स्कूटी चलाने वाला भी गिरफ्तार हो गया है। पीछे बैठे शख्स के साथ दो और की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। लाइनर समेत कुल सात अपराधी इस हत्याकांड में शामिल थे।
लोडेड पिस्टल बरामद हुई है जिसमें दो गोलियां थीं। चार खोखे बरामद हुए हैं। कारोबारी से रकम लूटने के लिए उनको निशाना बनाया, यह भी स्पष्ट हो गया। छीना झपटी में कारोबारी पैसे का मोह न दिखाते तो उनकी जान बच सकती थी।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि एक अपराधी आदर्श नगर में एक व्यक्ति से स्कूटर मांगकर ले गया था…
स्कूटी मालिक को भी हिरासत में लिया गया है। बिना नंबर की स्कूटी है। चारों अपराधी शहर से बाहर के रहने वाले हैं। पैसा अभी महज 60 रुपये बरामद हो पाए हैं। स्कूटी पर पीछे बैठा शख्स लूट की बाकी रकम लेकर अभी फरार है। चारों को रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया। बुधवार शाम से तीन बजे भोर तक ये गिरफ्तारियां हो चुकी थीं। उसके बाद पूरे गिरोह को दबोचने के लिए अभी छापेमारी चल ही रही है।
मेहसौल ओपी के बसवरिया का एक कुख्यात छोटू भी गिरफ्तार कर लिया गया है। वो भी शहर से बाहर का रहने वाला है। चारों चार जगह से पकड़े गए। एक पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि मछली अपनी जाल में फंस गई। जिस गिरोह ने घटना को अंजाम दिया था संयोग से उसी में से एक से इस बारे में भेरोसे में लेकर पूछताछ की गई।
उसको टोकते ही वह गिरोह के अन्य लोगों को फोन करके सतर्क करने लगा। इतने में पहले से अपराधियाें के मोबाइल नंबर ट्रैकिंग पर डाला जा चुका था। उन नंबरों पर अपराधियाें ने बातचीत करनी शुरु की। पुलिस की लिसनिंग में सब एक-एक करके ट्रैप हो गए।
गोदाम से लौटते हुए कारोबारी को मारी गोली...
व्यवसायी प्रभात हिसारिया की बुधवार सुबह अपराधियों ने गोली मार हत्या कर दी। पुरानी पुरानी एक्सचेंज रोड के निवासी और प्रभास साइकिल स्टोर्स के मालिक प्रभास हिसारिया काे कोट बाजार में अपने गोदाम से जाते हुए अपराधियों ने पीछा कर वारदात को अंजाम दिया। उनको बिल्कुल करीब से सीने में गोलियां दागी। इससे पहले उनके हाथ से रुपयों से भरा थैला छीन लिया।
थैली की छीना झपटी के बाद ही स्कूटी सवार तीन अपराधियों में एक ने उन्हें गोलियां मारी। थैले में तकरीबन छह लाख रुपये थे, जो लूटकर अपराधी भाग खड़े हुए। 64 साल के व्यवसायी प्रभाष हिसारिया दिलेरी के साथ अपराधियों से लोहा लेते रहे। अपराधी जब कामयाब नहीं हुए तो छीना झपटी करते हुए गोली मार दी।
रंगदारी के लिए वर्ष 2008 में भी प्रभास स्टोर्स में फायरिंग की गई थी। नगर थाने में मामले दर्ज हैं। वर्ष 2008 में शातिर चिरंजीवी सागर उर्फ चिरंजीवी भगत ने रंगदारी मांगी थी। नहीं देने पर बम विस्फोट कराया था। नवीन मेडिकल हाल के मालिक यतीन्द्र खेतान की हत्या के बाद शहर में किसी बड़े व्यवसायी की हत्या की यह पहली और बड़ी वारदात बताई जाती है। लॉकडाउन में दिनदहाड़े हत्या की इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस प्रशासन को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा था।

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