पहले बताया गया कोरोना वॉरियर्स,अब इलाज भी मयस्सर नहीं,बीमार पुलिसकर्मियों का इलाज भी नहीं करा रही नीतीश सरकार

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File Photo
पटना:सम्पूर्ण भारतवर्ष में कोरोना काल की शुरुआत से ही पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वारियर्स बताया गया। उनके सम्मान में कसीदे पढ़े गए लेकिन बिहार में इन कोरोना वारियर्स का हाल क्या है, यह बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के पत्र से स्पस्ट हो गया है। बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर आंदोलन की चेतवानी दी है।
कोरोना काल में दिन-रात ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी जब बीमार हो रहे हैं तो उनका इलाज तक नहीं हो पा रहा है। नीतीश सरकार पुलिसकर्मियों की सेहत को लेकर कितनी संवेदनहीन है, इस बात का खुलासा पुलिस एसोसिएशन ने कर दिया है।  बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन ने पत्र में बताया कि भोजपुर जिले में अगिआंव बाजार थाना के दारोगा गर्गनंद त्रिपाठी को बुखार और खांसी है। उन्हें सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है। उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की कि उन्हें कोरोना के सारे लक्षण हैं फिर भी उनका इलाज नहीं कराया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा इलाके में रामनगर थाना में 19 पुलिसकर्मी कोरोना से पीड़ित हैं। ये सभी ड्यूटी पर थे। हालांकि एसोसिएशन के सचिव की ओर से शिकायत करने के बाद इन्हें फिलहाल ड्यूटी नहीं दी गई। लेकिन कोरोना संक्रमित होने के बावजूद भी इनका इलाज नहीं कराया जा रहा है।

पुलिस एसोसिएशन का कहना है कि उन्हें कई लोग लगातार फोन कर रहे हैं।  लगभग हर जिले में ऐसे ही हालात हैं।  एनएमसीएच में इलाजरत कोरोना संक्रमित इंस्पेक्टर मुकेश कुमार इलाज के नाम पर कुछ भी नहीं होने का आरोप लगा रहे हैं। इलाज में लापरवाही होने के कारण ही वह फिलहाल घर आ गए हैं। खुद को आइसोलेट कर घर पर ही खाना खा रहे हैं। पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण की शुरुआत से ही पुलिसकर्मियों को मूलभूत सुविधाएं और बीमा कवर को लेकर पुलिस मुख्यालय और सरकार को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया था। लेकिन इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं किया गया है।

पत्र में आगे कहा गया है कि कुछ निर्देश पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी किए गए लेकिन वो भी बेअसर रहा। इसक दुष्परिणाम हुआ कि सम्प्रति हजारों की तादाद में पुलिस संक्रमित हो चुके हैं। दुर्भाग्य की बात ये है कि इसके बावजूद किसी स्तर पर पर बचाव/समुचित इलाज की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मेंस एसोसिएशन ने ये साफ कहा है कि इस अन्याय एवं मूलभूत सुविधाओं में हो रही प्रशासनिक निष्क्रियता को तमाशबीन बनकर नहीं देखा जा सकता है। ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मियों का मनोबल कायम नहीं रह सकता है।

बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन आगे लिखा है कि इसका निवारण किया जाना चाहिए अन्यथा बाध्य होकर एसोसिएशन अपने सदस्यों के जान की सुरक्षा हेतु आंदोलन करेगा।

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