हे महामना केंद्रीय गृह राज्य मंत्री,बिहारी केंद्रीय मंत्री और बिहारी सांसद! बिहार पुलिस के साथ मुंबई प्रकरण पर चुप क्यों हैं ?

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दिवंगत सुशांत सिंह राजपुत, IPS विनय तिवारी के हाथ पर का मुहर और मुंबई एयरपोर्ट पर  मीडिया से मुखातिब विनय तिवारी ( फाइल फोटो ) 

राहुल अमृत राज…

“अब सड़क मार्ग से DIG रैंक IPS बिहार के सुपर कॉप्स ATS के DIG विकास वैभव, मुंगेर प्रक्षेत्र के DIG मनु महाराज और STF के DIG विनय कुमार में से किसी एक को मुंबई भेजने पर विमर्श कर रही बिहार सरकार”…
पटना: मायानगरी मुंबई का बिहारी कलाकार सुशांत सिंह राजपूत कथित आत्महत्या मामले में करीब 50 दिनों बाद मुंबई गई बिहार पुलिस के साथ मुंबई में बदसलूकी की गई। सुशांत के पिता के बयान पर राजधानी पटना के राजीव नगर थाना में सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मामले में राजधानी पटना से इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर की टीम मुंबई जाँच करने गई। इस टीम को मुंबई पुलिस ने सहयोग नहीं किया। यहाँ तक की उन्हें मुंबई में गाड़ी तक नहीं दी गई। तो बिहार पुलिस के अधिकारी ऑटो से सफर कर सुशांत के बैंक अकाउंट की जाँच करने कोटक महिंद्रा बैंक और सुशांत के फ्लैट तक गए।
मुंबई में ऑटो में सफर करते बिहार पुलिस के अधिकारी
मामला जब मीडिया में आया तो बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने पटना के सिटी एएसपी आईपीएस विनय तिवारी को मुंबई भेजा। पटना से मुंबई प्लेन से विनय तिवारी के साथ कई अन्य लोग भी गए। लेकिन अन्य सभी को छोड़कर बीएमसी का हवाला देकर जबरन हाउस अरेस्ट करते हुए हाथ पर रात के 11 बजे सरकारी मुहर लगाकर 15 अगस्त तक के लिए होम क्वारंटाइन कर दिया गया। सोमवार को बिहार विधानमंडल के एक दिवसीय मानसून सत्र में मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कहा, बिहार पुलिस के साथ मुंबई में जो हुआ वह ठीक नहीं।
IPS विनय तिवारी के हाथ पर सरकारी मुहर
मामले में डीजीपी ने कहा की बिहार पुलिस के अन्य अधिकारी छिपे हैं की कहीं मुंबई पुलिस उन्हें अरेस्ट न कर ले। इस पुरे मामले पर किसी केंद्रीय मंत्री ने अब तक कोई बयान नहीं दिया। हलाकि बिहार में विपक्ष इस मामले को लेकर सजग जरूर है। देश के सबसे बड़ा राज्य में उत्तर प्रदेश के बाद बिहार ही है। यहाँ से 40 सांसद जीतकर दिल्ली के संसद भवन में बैठकर कानून बनाते हैं। एक राष्ट्र,एक कानून लागु करते हैं।
संसद भवन
लेकिन इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे। देश के गृह मंत्री अमित शाह कोरोना पॉजिटिव हैं, इलाजरत हैं। लेकिन बिहार के हाजीपुर निवासी नित्यानंद राय जो वर्तमान में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं। वह भी बिहार पुलिस के पक्ष में अब तक चुप हैं। बिहार के जनप्रतिनिधियों की ऐसी आश्चर्यजनक चुप्पी आखिर क्यों ? नित्यानंद राय बिहार के निवासी हैं, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं। मुंबई में बिहार पुलिस के आईपीएस रैंक के अधिकारीयों को अपमानित करते हुए होम अरेस्ट किया गया। इस तरह के बड़े मामले में बिहारी सांसदों और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री समेत बिहार निवासी अन्य केंद्रीय मंत्रियों को एकजुट होकर मुंबई सरकार और मुंबई पुलिस के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय

क्या मुंबई की पुलिस बिहार के औरंगाबाद में सोना चोरी के मामले में औरंगाबाद आई तो बिहार पुलिस ने सहयोग नहीं किया था। बिहार पुलिस ने तो मुंबई पुलिस के साथ रेड-छापामारी कर मुंबई से लाए गए चोरी के सोना को बरामद कराकर प्रेस वार्त्ता बुलाकर कहा था की मुफस्सिल थाना क्षेत्र के देव मोड़ स्थित भवानी लाइन होटल में वेटर का काम करने वाला दो नावालिग मुंबई के कांदिवली इंडस्ट्रियल स्टेट इलाके में मोमाइ ज्वेलरी से 4 किलो 282 ग्राम सोना लेकर भागा था। दोनों वेस्ट बंगाल के बर्दमान का निवासी है। दोनों को गिरफ्तार कर मुंबई पुलिस को औरंगाबाद सदर के तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनूप कुमार ने 19 मार्च 2019 को सौंपा था। 

मुंबई से चोरी कर लाए गए सोना की बरामदगी के बाद प्रेस वार्ता करते औरंगाबाद सदर SDPO अनूप कुमार ( फाइल फोटो )
मुंबई में बिहार पुलिस के साथ अमानवीय व्यवहार के पीछे एक आईपीएस के नाम की चर्चा भी है। जो मूल रूप से पटना निवासी हैं। 1995-1996 बैच के महाराष्ट्र कैडर के उक्त आईपीएस अधिकारी पटना से अब मुंबई में ही सपरिवार बस गए हैं। पटना में रहे आईपीएस शिवदीप लांडे को बिहार पुलिस के सम्मान में आगे बढ़ने के लिए युवा वर्ग कैंपेन चला रहे हैं। सुशांत सिंह राजपूत कथित आत्महत्या मामले में सीबीआई जाँच के लिए पुरे बिहार के लोग मांग कर रहे हैं। डीजीपी की मौजूदगी में सोमवार को पुलिस हेडक्वार्टर में बड़ी मीटिंग हुई। मामले में बीएमसी को प्रोटेस्ट लेटर भेज रहे हैं पटना के आईजी।
IPS शिवदीप वामन लांडे
सरदार पटेल भवन में करीब डेढ़ घंटे तक चली इस मीटिंग को खुद डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने लीड किया। उनके साथ इस मीटिंग में एडीजी हेडक्वार्टर जितेंद्र कुमार, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार, एडीजी स्पेशल ब्रांच जितेंद्र सिंह गंगवार, पटना सेंट्रल रेंज के आईजी संजय कुमार और पटना के एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा शामिल थे। बिहार पुलिस और मुंबई पुलिस के बीच सुशांत राजपूत कथित आत्महत्या मामले में बिहार पुलिस द्वारा मुंबई में जाँच करने और मुंबई पुलिस द्वारा बिहार पुलिस को मुंबई में जाँच से रोकने के लिए मुंबई पुलिस लगातार लगी है। अब बिहार पुलिस बिहार के चर्चित सुपर कॉप्स आईपीएस अधिकारी मनु महाराज,विकास वैभव और विनय कुमार के नामों पर विचार कर रही है।
ATS बिहार के DIG विकास वैभव
सुशांत के मामले में अब बिहार पुलिस के डीआईजी रैंक के अधिकारी मुंगेर प्रक्षेत्र के डीआईजी मनु महाराज, एटीएस के डीआईजी विकास वैभव और एसटीएफ के डीआईजी विनय कुमार में से किसी एक को मुंबई भेजने पर विचार कर रही है। डीआईजी रैंक के इन तीनो अधिकारीयों में से किसी एक को फ्लाइट की बजाय सड़क मार्ग से सरकारी कार से मुंबई भेजा जायेगा । हालांकि अभी तक इस मामले में अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
मुंगेर प्रक्षेत्र के DIG मनु महाराज
तीनो डीआईजी रैंक के अधिकारी में सबसे पहले डीआईजी विकास वैभव का नाम है। ये तीनो अधिकारी बिहार ही नहीं इंटर स्टेट के कई मामले में बड़ी भूमिका निभाते हुए सफलता पा चुके हैं। विकास वैभव NIA जैसी बड़ी जाँच एजेंसी में काम कर चुके हैं। ये बिलकुल साइलेंट मोड में जाँच आगे बढ़ाते हुए बेहतर रिजल्ट देने वाले आईपीएस में इनकी चर्चा होती है  तो मनु महाराज चाहे चर्चित सोहेल हिंगोरा अपहरण मामला हो या गया के डॉक्टर दम्पति डॉ पंकज गुप्ता, सुभ्रा गुप्ता मामला , दोनों में सफल रहे हैं। वहीँ विनय कुमार देश की सबसे कड़क अंदाज में काम करने वाली मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारीयों की तरह काम करने वाले आईपीएस अधिकारी हैं।
बिहार STF के DIG विनय कुमार
अब देखना यह दिलचस्प होगा की बिहार के मुखिया इन तीनो डीआईजी रैंक के आईपीएस अधिकारीयों में किसे मुंबई भेजते हैं।

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