वैशाली पुलिस की कार्यशैली सवालों में, यहाँ पीड़ित के लेवल के तहत पुलिस कर रही कार्रवाई 

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नितीश सरकार की पुलिस अब काम करने के तरीके में बदलाव ला रही है। ऐसे तो अक्सर पीड़ित के लेवल के अनुसार पुलिस हर जगह काम करती है, लेकिन वैशाली पुलिस पीड़ित के लेवल के अनुसार पुलिसिंग कर रही। वैशाली पुलिस खासकर खाकी के मामलों में ज्यादा एक्टिव रहती। आखिर यह कैसी पुलिसिंग जहाँ खाकी ही पीड़ित हो जाए और खाकी की मदद को पुरा सिस्टम खड़ा हो जाए।

 

जिला का सबसे बड़ा चौंकाने वाला मामला सराए थाना परिसर का है। सराए थाना परिसर में थाना में दर्ज कांडो में जब्त गाड़ियों में तीन गाड़ी थाना परिसर से चोरी हो गई। सभी चोरी हुई तीनों गाड़ियां आम लोगों की थी। आखिर कैसी पुलिसिंग कि थाना परिसर में चोर गिरोह सक्रिय है, थाना परिसर से गाड़ी चोरी कर रहा तो थाना क्षेत्र का क्या हाल होगा। सराए थाना परिसर जब सुरक्षित नहीं तो सराए थाना की पुलिस थाना क्षेत्र को कैसे बचा सकेगी। थाना परिसर से गाड़ी चोरी हो गई। लेकिन मामले में अब तक थानाध्यक्ष या मालखाना प्रभारी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं।

एनामुल हक़ से लूट हुए बाइक को रखने वाला कबाड़ी दुकानदार

बीते 28 दिसंबर को जिला उत्पाद विभाग का सिपाही एनामुल हक़ हाजीपुर सदर अस्पताल रोड स्थित अपने कार्यालय से पटना जा रहा था। इस दौरान नगर क्षेत्र के गरदनिया चौक के पास हथियार के बल पर एनामुल हक़ से बाइक लूट लिया। मामले में घटना के 10 दिनों के अंदर नगर पुलिस बाइक को कबाड़ी दुकान में छापामारी कर कटे अवस्था में बरामद करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार करती है।

लेकिन नगर थाना क्षेत्र से चोरी होने वाला अन्य बाइक समेत दैनिक भास्कर और प्रभात खबर के फोटोग्राफर, हिंदुस्तान के क्राइम रिपोर्टर की बाइक भी नगर थाना से 200 मीटर की दुरी स्थित कार्यालय के पास से चोरी हो गई, जो आज तक नहीं मिली। मामले में पुलिस न्यायालय में चार्जशीट सौंपना ही उचित समझी, लेकिन चोरी गई बाइक को खोजने का प्रयास नहीं किया गया। लेकिन एनामुल हक़ खाकीधारी थे, इसलिए उनकी बाइक कटे हालत में भी मिल गई।

उत्पाद सिपाही एनामुल हक़ से लूटा गया बाइक कटे हालत में

करीब 1 वर्ष पहले वैशाली जिला पुलिस कप्तान के आवास स्थित गोपनीय कार्यालय में तैनात सिपाही दौलत कुमार कार्यालय से अपने आवास आ रहे थे, तब SDO रोड में उनका मोबाइल अपराधियों ने हथियार के बल पर छीन लिया। मामले में घटना के महज एक घंटे में वैशाली पुलिस ने घटनास्थल के डंप डाटा से लूटेरा को चिन्हित कर गोली चलाकर लूटेरा को धर दबोचा। लूटेरा ने भी पुलिस के कार्रवाई के दौरान पुलिस पर फायरिंग किया था, जिसके जबाब में पुलिस ने अपने बचाव में गोली चलाई। लूट का मोबाइल तो सिपाही दौलत कुमार का नहीं मिला, लेकिन मोबाइल का कवर पुलिस ने बरामद किया। इस मामले में भी पीड़ित खाकी वाला था। जिले के बड़े साहब के कार्यालय में तैनात था। इस कारण रात्रि में भी जिला पुलिस की आईटी सेल से एक घंटे में डंप डाटा निकल गया। लेकिन नीतीश सरकार के वैशाली से जनता दल यूनाइटेड के विधायक सिद्दार्थ पटेल उर्फ़ चुन्नू पटेल के फेसबुक अकाउंट हैक कर लोगों से पैसा मांगे जाने के मामले में आज तक आईटी सेल की टीम कार्रवाई नहीं कर सकी।

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