2018 बैच के 16 कंपनियों के 1582 दारोगा का हुआ दीक्षांत परेड समारोह,CM नीतीश कुमार को दी गई सलामी,पहली बार 615 महिला बनी दारोगा

0
312
पासिंग आउट परेड की सलामी लेते मुख्यमंत्री नितीश कुमार 
27 वर्ष पहले 1994 बैच के दारोगा के पासिंग आउट परेड में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने राजधानी  पटना के गाँधी मैदान में सलामी ली थी। उक्त बैच में मात्र 53 महिला दारोगा थीं… 
पटना/ राजगीर से (संजीव कुमार)
ऐतहासिक नालंदा के राजगीर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में पुलिस अवर निरीक्षक 2018 बैच का दीक्षांत परेड समारोह आयोजित हुआ। परेड समारोह में कुल 1582 प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों ने भाग लिया इनमें 615 महिला पुलिस पदाधिकारी भी शामिल रहीं।
“न्याय के साथ विकास और सशक्त महिला, सक्षम महिला “ के सूत्र वाक्य के साथ समारोह को संबोधित करते हुए सबसे पहले  मुख्यमंत्री जी ने सभी प्रशिक्षु अवर निरीक्षकोंं को बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि झारखण्ड अलग होने के बाद बिहार में ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं थी। राजगीर में पुलिस अकादमी के निर्माण किया गया। यहां पुलिस बल के प्रशिक्षण के लिए बेहतर सुविधाएं प्राप्त हैं। उन्होने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे जरूरी है और राज्य में कानून का राज्य कायम रखना मेरी प्राथमिकता है।
पासिंग आउट के दौरान CM नीतीश कुमार का सम्बोधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर में 2 हजार पुरुष और 2 हजार महिला कर्मियों की भी ट्रेनिंग होगी। आज 1582 पुरुष और 596 महिला अवर निरीक्षक आज बिहार को मिल रहा है। महिलाओं को सबसे पहले पंचायत में 50 प्रतिशत की घोषणा हमने की। पुलिस बल में आज बड़ी संख्या में महिला पुलिस बल है। इसे देखकर आज बहुत खुशी होती है, देश मे किसी भी राज्य से ज्यादा महिला पुलिस बल है। दूसरे किसी भी राज्य में पुलिस बल में इतनी महिलाएं नहीं हैं।
बिहार पुलिस के गौरवशाली इतिहास में हमारे 2018 बैच का दीक्षांत परेड समारोह स्वर्णिम अक्षरों में वर्णित रहेगा…1994 बैच के बाद 2018 बैच में ही 1582 SI एक साथ पासआउट हुए हैं…हमारे बैच में कुल 615 महिलाये हैं, जो माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का महिला सशक्तिकरण का सपना रहा है…सूबे के पुलिस इतिहास में यह पहला मौका है जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में महिला सब इंस्पेक्टर पासआउट हुए हैं…इससे यह स्पस्ट होता है कि सूबे की महिलाये सशक्त हुई है…आज यह साबित हो गया कि महिलाये किसी से कम नहीं हैं…पुरुष और महिलाएं सब बराबर है…कदम से कदम बढ़ा कर चलना है…डर को अपने अंदर से निकाल देना है और आगे दुनिया का सामना करना है… महिलाओं को हमेशा नेगेटिव में देखा जाता है कि वह फायरिंग,घुड़सवारी नहीं कर सकती, बाइक नहीं चला सकती…लेकिन अब ऐसा नहीं है, हमारे अंदर भी बहुत ज्यादा जज्बात है…जो अब सूबे की अवाम देखेगी… (प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर) 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा सबसे प्राथमिकता पर है। सभी थानों में महिला का होना अनिवार्य कर दिया गया है, पहले किसी भी थाने में कोई काम नहीं हुआ था। आज बिहार के थाने देखने लायक है। थानों के भवनो में सभी सुविधाएं प्राप्त हैं। पटना का पुलिस मुख्यालाय देखने लायक है। हथियार को लेकर भी सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। बिहार में थाने को लेकर नए फैसले लिए गए हैं। समाज में कानून का राज कायम करना ही उद्देश्य।
परेड कमांडर सुधा कुमारी को ट्रॉफी देकर सम्मानित करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बिहार में महिलाओं की मांग पर ही शराबबन्दी हुई। आज महिला पुलिस बल पर बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है।आज महिलाओं की पुलिस बल में संख्या बेहतर हो गई है।अब ये महिला पुलिस बल शराबबन्दी पर सख्ती बरतें।  शराबबन्दी की सफलता में महिला पुलिस बल की बड़ी भागीदारी होगी।
सभी प्रशिक्षुओं को मुख्यमंत्री ने अपील की कि यहां से निकलकर अपनी जिम्मेदारी अच्छे से संभालें। मैंने कभी ना किसी को फंसाया है और न किसी को बचाया है। 
पासिंग आउट परेड के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अकादमी के निदेशक भृगु श्रीनिवासन,सहायक निदेशक डॉ. इनाम उल हक़,DIG प्राणतोष कुमार दास,गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद,पुलिस महानिदेशक संजीव कुमार सिंघल,विकाश आयुक्त आमिर सुब्हानी,बिहार सशस्त्र पुलिस के डीजी आरएस भट्टी समेत प्रशिक्षुओं के परिजन मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here