वैशाली पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल,DGP के आदेश का नहीं हो रहा अनुपालन,क्या अब सुधर सकेगी थानों में व्याप्त अव्यवस्था ?

0
5
महनार थाना के नव पदस्थापित SHO अंजनी कुमार सिंह व पटेढ़ी बेलसर SHO सुनील कुमार
SP साहब,देखिये और दुरुस्त कीजिये बदहाल हो रहे जिले की पुलिसिंग को,चौकीदार कर रहा मुंशी का काम… 
लोकतंत्र की आदि भूमि पर पुलिसिंग बदहाल हो रही है। जिले की पुलिसिंग की बदहाल हो रही हर मामले की जानकारी आपके पास तक नहीं पहुँच पाती। जिला के थानों में जब भी वरीय अधिकारियों का दौरा होता है तो इसकी सूचना पहले ही थानाध्यक्ष को हो जाती है और अविलंब स्थिति को सुचारू कर लिया जाता है,लेकिन जैसे ही वरीय अधिकारी थाना से जाते है पुनः थानों में वही बदहाल स्थिति बहाल हो जाती है। जिला मुख्यालय के थानों में हालात कुछ ठीक-ठाक है लेकिन जिला मुख्यालय से अलग के थानों में स्थिति भयावह है।
पुलिस अधीक्षक वैशाली के जिलादेश संख्या 181/2022 दिनांक 27 जनवरी 2022 से जिला के 18 इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टरों को नई जिम्मेवारी सौंपी गई है। इन 18 पुलिसकर्मियों में कई के खिलाफ पुलिस कप्तान के पास तक गंभीर शिकायतें पहुंची थी। वैसे पुलिसकर्मियों को फील्ड से कार्यालय पदस्थापित किया गया है। तो कार्यालय में तैनात कई पुलिसकर्मियों को थानाध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। नगर थाना में तैनात 3 सब इंस्पेक्टर को थानाध्यक्ष की कमान सौपी गई है। जिला में तैनात तीन थानाध्यक्ष का तबादला जिला में कार्यकाल पूर्ण होने के कारण हुआ है। अब नए थानाध्यक्षों के पदस्थापन के बाद जिला के थानों में प्रयाप्त अव्यवस्था समाप्त होती है या पुराने हाल पर ही थानों का काम चलता है ?
मुख्यालय के थानों में थाना लेखक के पद पर तैनात मुंशी स्टार वाले अधिकारियों पर भारी है तो जिला मुख्यालय से अलग के थानों में DGP के आदेश को दरकिनार कर थानों के सिरिस्ता को संभाल रहा चौकीदार स्टार वाले अधिकारियों पर आदेश चलाता है। सूबे के वर्तमान पुलिस महानिदेशक संजीव कुमार सिंघल ने अक्टूबर 2021 में आदेश जारी किया कि चौकीदार से थानों में मुंशी का काम नहीं लिया जाएगा। बाबजूद जिला मुख्यालय से अलग के थानों में चौकीदार ही मुंशी का काम कर रहा है और चौकीदार ही स्टार वाले अधिकारियों को उनकी ड्यूटी भी लगाता है। यानी यूं कहें कि थानो में थानाध्यक्ष के बाद चौकीदार ही सुपर थानेदार बन चला है। और इस तरह स्टार वाले पुलिसकर्मी अपने अधीनस्थ (सुपर थानेदार) चौकीदारों के सामने चुप रहना ही उचित समझते हैं। ऐसी स्थिति अमूमन चौकीदार वाले सभी थानों की है। जिस थानों में थाना मैनेजर की प्रतिनियुक्ति है वहाँ भी चौकीदार का ही राज है। थानों के चौकीदारों (सुपर थानेदार) का मनोबल यहां तक ऊंचा है कि ये लोग कहते हैं कि अगर हम कुछ नहीं करें तो थानेदार एक कदम भी नहीं चल सकेगा।
चौकीदार राज वाले थानों में स्टार वाले पुलिसकर्मियों पर चौकीदार आदेश अभी 2018 बैच के सब इंस्पेक्टर की पोस्टिंग जिला के थानों में हुई है । 2018 बैच के सब इंस्पेक्टरो को थानों में मुंशी का काम कर रहे चौकीदार सामने पड़ने पर गुड मॉर्निंग,जय हिंद कहना भी उचित नहीं समझते। अगर सम्मान नहीं दे सकते तो सार्वजनिक जगह पर शिकायत भी नहीं करें। जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र की एक महिला चौकीदार ने तो आम लोगों के बीच एक प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर के लिए यहाँ तक कह दिया, जुम्मा-जुम्मा 4 दिनों की बहाल दारोगा बन गई तो क्या समझती है ? अपने आप को। इसके उम्र से बड़ी तो मेरी बेटी है। क्या अगर जिले के पुलिस कप्तान और जिलाधिकारी युवा होंगे तो ये लोग उन्हें भी सम्मान नहीं देंगे। जिला पुलिस कप्तान और जिकाधिकारी के आने की जानकारी होते ही यही चौकीदार लोग भाग खड़े होते हैं । वही जिला के भगवानपुर थाना का एक चौकीदार जो कई आपराधिक मामले में वांछित है। बाबजूद थाना में बतौर ड्राइवर का काम करता है। इस चौकीदार का मनोबल इतना ऊंचा है कि इसने जिला के एक दैनिक अखबार के स्थानीय संवाददाता के ऊपर पिस्टल तान दिया था। चर्चा है की उक्त चौकीदार अपने पास अवैध पिस्टल लेकर ड्यूटी करता है।
उक्त चौकीदार के करतूतों की चर्चा क्षेत्र में खूब है। इसके खिलाफ जंदाहा थाना समेत कई थानों में आपराधिक मामला लंबित है। स्थानीय सूत्र बताते हैं की करीब 6 माह पूर्व सहथा पंचायत के तत्कालीन मुखिया पति दशरथ सहनी को इसी चौकीदार द्वारा एक शादी समारोह में किये गए हर्ष फायरिंग मर गोली लग गई थी। उक्त मामले को आपसी सहमति व दबाब में मुखिया पति ने सुलझा लिया। क्योंकि आरोपी खाकीधारी था। भगवानपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष सी बी शुक्ला ने थानों में अवैध रूप से मुंशी का काम कर रहे चौकीदारों को थाना से हटाकर फील्ड में ड्यूटी लगाई थी।लेकिन वर्तमान में फिर वही स्थिति बहाल ही चुकी है, थाना में पुलिस महानिदेशक के आदेश को दरकिनार करते हुए चौकीदार ही थाना लेखक का काम कर रहा। इसका पुख्ता प्रमाण थानों में लगे CCTV खंगालने से मिल जायेगा।
जिला के कई थानों में थाना की गाड़ी निजी चालक चला रहा। निजी ड्राइवर स्थानीय होता है। इस कारण कभी-कभी पुलिस की कार्रवाई से पूर्व ही आरोपी को इसकी सुचना मिल जाती है। जिला मुख्यालय का औधोगिक थाना जहाँ थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर होते हैं लेकिन थानेदार की भूमिका एक जमादार निभाते हैं। अब नए थानाध्यक्ष की पोस्टिंग के बाद हालात बदलती है या पुराने अंदाज में ही चलता है ? जिला के थाना क्षेत्रों में होने वाले वाद-विवाद के बाद घायल का फर्दबयान सदर अस्पताल में नगर थाना के पुलिस पदाधिकारी लेते हैं। सदर अस्पताल में भी पीड़ित का फर्दबयान दर्ज करने में एक व्यक्ति सक्रिय है। नगर थाना से सम्बंधित थानों में फर्दबयान ले जाने में भी चौकीदारों की मनमानी चलती है। जबतक पीड़ित पक्ष अपने थाना के चौकीदार को नजराना नहीं देता तब तक नगर थान से घायल का फर्दबयान सम्बंधित थाना में नहीं जाता। चौकीदार पीड़ित को यह हवाला देता है की जब हाजीपुर जाऊंगा तब फर्दबयान लेकर आऊंगा। जबकि करीब रोजाना जिला के थानों से रोजाना का डाक लेकर चौकीदार जिला मुख्यालय आता है।
 ट्रैफिक थाना की ड्यूटी पुरे शहर में ट्रैफिक का सुचारु संचालन कराना है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस रामाशीष चौक के अलावे कहीं कार्रवाई करती नहीं दिखती। जबकि नगर थाना क्षेत्र के गाँधी चौक पर पुरे सड़क पर सब्जी का बाजार लगता है। इस कारण हमेशा जाम की समस्या रहती है। यहाँ जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी है वो सब्जी वालो से पैसा वसूली करने में ही परेशान रहता है। जब पुलिस कप्तान व जिलाधिकारी की गाड़ी गुजरती है तो थोड़ा एक्टिव हो जाता है, फिर वही हाल। हालांकि कई बार जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान की गाड़ी गाँधी चौक पर जाम में भी फंस जाती है। जबकि जिला के सुदूर क्षेत्रों से मरीजों को लेकर एम्बुलेंस इसी रास्ते सदर अस्पताल जाती है। महनार में भी नए थानाध्यक्ष के पद पर पुलिस निरीक्षक अंजनी कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति हुई है। इस थाना क्षेत्र में भी पुलिस की कार्यशैली पर हमेशा सवाल उठता रहा था। यहाँ के बदलते पुलिसिंग को लेकर भी लोगों में चर्चा है। वहीँ पटेढ़ी बेलसर थानाध्यक्ष रहते कार्रवाई दौरान अशोक राम पर करीब 5 बार हमला हो चुका है ,जहाँ लालगंज थानाध्यक्ष रह चुके पुलिस अवर निरीक्षक सुनील कुमार को थानाध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। अब देखना है की नए थानाध्यक्षों की पॉस्टिंग के बाद जिले की बदहाल पुलिसिंग में बदलाव होता है या यूँ ही चलता रहता है। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here